Parvati Song Lyrics lyrics

Parvati Song Lyrics

Artist: Sadhu Tiwari Movie: Hanuman Ansh
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[प्रस्तावना]

जब ज़िद पे आ गई पार्वती, पार्वती, पार्वती
समझाने पहुँचे सप्तऋषि, सप्तऋषि, सप्तऋषि
काय ज़िद कर रही, काय को मर रही
काय ज़िद कर रही, काय को मर रही ऐसे वर के लाने
काय ज़िद कर रही, काय को मर रही ऐसे वर के लाने

[मुखड़ा]
जाके सीस पे गंगा और गले में डारे फिर रहे साँप
जाके सीस पे गंगा और गले में डारे फिर रहे साँप

इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ
जाके सीस पे गंगा और गले में डारे फिर रहे साँप
इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ

[अंतरा 1]
ना खपरा, ना छपरा, ना फूस की धरे मड़िया
का खावे, को धरो वहाँ, बस रोवत रहत लडिया
ना खपरा, ना छपरा, ना फूस की धरे मड़िया
का खावे, को धरो वहाँ, बस रोवत रहत लडिया

भेष धरे अवधूत फिरे, अब तुमसे का कहे बिन्नू
डोरा डंगर ले घुमें वे, इनके कछुए नैयाँ

[मुखड़ा]
काय ज़िद कर रही, काय को मर रही
काय ज़िद कर रही, काय को मर रही ऐसे वर के लाने

जाके सीस पे गंगा और गले में डारे फिर रहे साँप
जाके सीस पे गंगा और गले में डारे फिर रहे साँप

इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ
जाके सीस पे गंगा और गले में डारे फिर रहे साँप
इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ

[अंतरा 2]
जटा लटा ना कबहुँ सँवारे, दीसत महा भयंकर
मूर पे आधो चंदा और बेला पे घुमे शंकर
जटा लटा ना कबहुँ सँवारे, दीसत महा भयंकर
मूर पे आधो चंदा और बेला पे घुमे शंकर

राम नाम के रसिया हैं वे, और उन्हें क्या चाहने
कामदेव के मर्दनहारी, घर-गृहस्थी क्या जाने
अरे घर-गृहस्थी क्या जाने

[ब्रिज]
काय ज़िद कर रही, काय को मर रही बिन्नू
काय ज़िद कर रही, काय तप कर रही ऐसे वर के लाने

[मुखड़ा]
जाके सीस पे गंगा और गले में डारे फिर रहे साँप
जाके सीस पे गंगा और गले में डारे फिर रहे साँप

इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ
जाके सीस पे गंगा और गले में डारे फिर रहे साँप
इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ

[लिखित]
साधु तिवारी

📋 Song Information

Release Date Sep 03, 2026